Hi hlo everyone ।।
आज मेरे मन में एक विचार आया ।वो सोचते सोचते लगा इसे लिख दू । फिर क्या लिख दिया ।अब आप ही इसे पढ़े और बताए ।ये सही है , कि नही।
क्या कभी हमने सोचा है की जम क्या कर रहे है क्या यही हमारा लक्ष्य था ।अगर नही तो क्यों कर रहे है ।
परिवार की जिम्मेदारियां है ,कुछ तो करना पड़ेगा ।कुछ तो पाना पड़ेगा ।फिर वो मिल जाने के बाद कुछ और पाना ।फिर कुछ और ।
हम ऐसे है नही पर क्या करे ।
हमारे अंदर भी इंसानियत होती है ।
जन्म लेने से पहले ही मर जाती है ।हम अपने से बड़े ,धनवान लोगो को देखते है और सोचते जब वो किसी के लिए कुछ नहीं करते तो हम क्यों करे ।हमारे भी तो परिवार है।
हर बार एक नए लक्ष्य के पीछे भागते रहते है।मिलता क्या कुछ नही ।पर हम कभी ध्यान नहीं देते की हम क्यों भाग रहे है ।
मुझे लगता है हम शांति और प्रेम के लिए भागते है ।की जब हमारा लक्ष्य पूरा हो जाएगा तो हमे शांति मिलेगी आराम मिलेगा ।
समय मिलेगा अपनी के लिए ।लेकिन ऐसा नही होता ।
बल्कि जब तक पता चलता है तब तक समय बहुत कम होता है ।अपने और अपनो के लिए ।
इस लिए पहले ही हमे स्वयं को और अपनो को समय देना। चाहिए ।तभी हम सच्चा आनंद पा सकेंगे ।
इस जीवन में एक बार में ही सब कुछ मिलना है ।बाद का कुछ मालूम नही ।।। इस लिए सबको प्यार दे ।फिर वो कोई भी हो ।इंसान ।
सभी को प्यार दे और किसी से कोई अपेक्षा न रखे तो अत्यधिक सुकून मिलेगा ।
ये मेरा सोचना है।
आप क्या सोचते है ।ये जरूर बताएं ।
धन्यवाद।
आपका अपना विनोद अग्रवाल।।।।।
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