क्या आपको पता है की गाय का गोबर कितना उपयोगी है ।आइए देखें ।गाय के गोबर के क्या क्या लाभ है,उस से हमारे शरीर को क्या मिलता है

 *🐂देशीगाय के गोबर के कंडेकी राख🍪*
 गाय के गोबर में (नो प्रोसेस लोस)


*विज्ञान कहता है कि जब भी किसी वस्तु को प्रक्रिया ( कोई प्रोसेस) से गुजारा जाता है तो उसमें हानि होती है* लेकिन गौ विज्ञान इसके विपरीत है।

वायुमण्डल में प्राणवायु ऑक्सीजन की अधिकतम मात्रा *21%* है, लेकिन यह मात्रा भारत के किसी गाँव में *18 या 19%* से ज्यादा नही है और शहरों में तो *11 या 12°/*. तक ही है।

भारतीय गाय के ताज़ा गोबर में *प्राणवायु ऑक्सीजन की मात्रा 23%* है। जब इस गोबर को सुखा कर कण्डा बनाया जाता है तो इसमें *ऑक्सीजन की मात्रा बढ़कर 27% हो जाती है।* जब इस कण्डे को जलाकर कोयला बनाते हैं तो इसमें *ऑक्सीजन की मात्रा बढ़कर 30% हो जाती है।* इसी कोयले को फिर से जलाकर भस्म बना देने पर *प्राणवायु 46.6% हो जाती है*। जब भस्म को दोबारा जलाकर विशुद्ध भस्म बनाते हैं तो *इसमें 60% तक प्राणवायु आ जाता है।* जब कि मॉडर्न विज्ञान कहता है कि किसी भी वस्तु को प्रोसेस करने से उसमें हानि होती है।

*10 लीटर जल में अगर 25 ग्राम भस्म मिला दे तो जल शुद्ध होने के साथ उसमें सभी आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती है।*


*🏘️अपने घरमें गोबर कंडेका धुंआ कीजिये और राख को पीनेके पानीमें*


*अग्निहोत्र भस्म* 

  अग्निहोत्र गौ भस्म_को ध्यान से पढ़ेगें तो पायेंगे कि यह गौ-भस्म ( राख ) आपके लिए कितनी उपयोगी है।*

*साधू -संत लोग संभवतः इन्ही गुणों के कारण इसे प्रसाद रूप में भी देते थे।* 

*जब गोबर से बनायीं गयी भस्म इतनी उपयोगी है तो गाय कितनी उपयोगी होगी यह आप सोच सकते है।*


*आपको एक लीटर पानी में 10-15 ग्राम  यानि 3-4 चम्मच भस्म मिलाना है , उसके बाद भस्म जब पानी के तले में बैठ जाये फिर इसे पी लेना है।*  

*इससे सारे पानी की अशुद्धि दूर हो जाएगी और आपको मिलेगा इतने पोषक तत्व।*

*यह लैबोटरी द्वारा प्रमाणित है।*

#तत्व_रूप / #ELEMENT_FORM

१. ऑक्सीजन  O = 46.6 %

२. सिलिकॉन  SI  = 30.12 %

३. कैल्शियम Ca = 7.71 %

४. मैग्नीशियम Mg = 2.63 %

५.  पोटैशियम K = 2.61 %

६. क्लोरीन CL = 2.43 %

७. एल्युमीनियम Al  = 2.11 %

८. फ़ास्फ़रोस P = 1.71 %

९. लोहा Fe = 1.46 %

१०. सल्फर S =1.46 %

११. सोडियम Na = 1 %

१२. टाइटेनियम Ti = 0.19 %

१३. मैग्नीज Mn =0.13 %

१४. बेरियम Ba = 0.06 %

१५. जस्ता Zn = 0.03 %

१६. स्ट्रोंटियम Sr = 0.02 %

१७. लेड Pb = 0.02 %

१८. तांबा Cu = 80 PPM

१९. वेनेडियम V=72 PPM

२०. ब्रोमिन Br = 50 PPM

२१. ज़िरकोनियम Zr 38 PPM

 *आक्साइड_रूप* :-

१. सिलिकाँन डाइऑक्साइड -

              SIO2 = 64.44%

२. कैल्शियम ऑक्साइड

            CaO =10.79 %

३. मैग्नीशियम ऑक्साइड

       MgO = 4-37 %

४. एल्युमीनियम ऑक्साइड

        AI2O3 = 3.99%

५. फास्फोरस पेंटाक्साइड

        P2O5 = 3.93%

६. पोटेशियम ऑक्साइड

       K2O = 3.14 %

७. सल्फर ऑक्साइड

       SO3 = 2.79%

८. क्लोरीन  CL=2.43 %

९.  आयरन ऑक्साइड

      Fe2O3=2.09%

१०. सोडियम ऑक्साइड

       Na2O = 1.35 %

११.  टाइटेनियम ऑक्साइड

        TiO2 = 0.32%

१२. मैंगनीज ऑक्साइड

      MnO = 0.17 %

१३.  बेरियम ऑक्साइड

        BaO = 0.07 %

१४.  जिंक ऑक्साइड  

       ZnO = 0.03%

१५.  स्ट्रोंटियम ऑक्साइड

        SrO = 0.03%

१६. लेड ऑक्साइड

      PbO = 0.02%

१७. वेनेडियम ऑक्साइड

      V2O5 = 0.01 %

१८. कॉपर ऑक्साइड

       CuO = 0.01%

१९. जिरकोनियम ऑक्साइड

         ZrO2 =52 PPM

२०. ब्रोमिन Br = 50 PPM

२१.  रुबिडियम ऑक्साइड

      Rb2O = 32 PPM

     शायद आपको मेरी बात समझ में आ चुकी होगी कि शरीर में आक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने के लिए यह गोबर की भस्म कितनी उपयोगी है।



 मंदिरों में गाय के कंडे की राख प्रसाद रूप में इसीलिए दी जाती थी ।

इसी तरह तुलसी चरणामृत का प्रसाद दिया जाता है ।



       आपका                विनोद अग्रवाल।

।*

Ahes of the dung of the indigenous cow*

 In Cow Dung (No Process Loss)



* ।

To

11. titanium oxide


        TiO2 = 0.32%


12. manganese oxide


      MnO = 0.17 %


13. barium oxide


        BaO = 0.07%


14. zinc oxide


       ZnO = 0.03%


15. strontium oxide


        SrO = 0.03%


16. lead oxide


      PbO = 0.02%


17. vanadium oxide


      V2O5 = 0.01%


18. copper oxide


       CuO = 0.01%


19. zirconium oxide


         ZrO2 =52 PPM


20. Bromine Br = 50 PPM


21. rubidium oxide


      Rb2O = 32 PPM


     Perhaps you must have understood my point that how useful this cow dung ash is useful to increase the amount of oxygen in the body.






 This is why the ashes of cow dung were given in the form of prasad in temples.


Similarly prasad of Tulsi Charanamrit is given.






       your 

vinod Agarwal. 


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